बहुआयामी परिवर्तन के दूसरे चरण में प्रवेश—स्थिरता का विस्तृत अर्थ

दूसरे चरण में स्वागत है|

हम बहुआयामी परिवर्तन का पहला चरण पार करने के बाद, दूसरे चरण में प्रवेश कर रहे हैं। इस दूसरे चरण का लक्ष्य है, स्थिरता को आगे ले जाना। इस दूसरे चरण में स्थिरता को एक अलग और बड़े नजरिये से देखा जाएगा, जिससे स्थिरता को आगे ले जाने का अर्थ हमें स्पष्ट हो जाएगा। हम कह सकते हैं, पहले चरण में स्थिरता का एक संकीर्ण अर्थ लिया गया था, और दूसरे चरण में एक विस्तृत अर्थ लिया जाएगा—और हमें लगेगा, हम जीवन में जो भी काम करते हैं केवल स्थिरता बनाए रखने के लिए करते हैं।

हम हमेशा से स्थिरता को विस्तृत रूप में अपनाते आ रहे हैं|

मौलिक स्थिरता,जो संसार के सभी प्राणियों में होती है

भूख लगती है, हम खाना खा लेते हैं। प्यास लगने पर, पानी पी लेते हैं। नींद आने पर, सो जाते हैं। थकने पर आराम करते हैं। कहने का मतलब है, हम वर्तमान में हरेक क्षण अपने को स्थिर बनाए रखने की कोशिश करते हैं। स्थिरता बनाए रखने के लिए ये सबसे जरूरी काम हम करते हैं। बहुआयामी परिवर्तन के पहले चरण में बताया गया सांस का व्यायाम और तनावमुक्ति का आसान इसी श्रेणी में आते हैं।

लेकिन मौलिक स्थिरता पाना भी हरदम संभव नहीं होता है

किसी रोग से पीड़ित होने पर, हमें सामान्य से हटकर व्यवहार करने की जरूरत हो सकती है। मधुमेह के रोगी को भूख सता रही हो फिर भी उसे खाने पर नियंत्रण रखना पड़ेगा। तरह-तरह के व्यंजन सजे हों फिर भी, उसे सलाद से ही पेट भरना पड़ेगा। जाहिर है, मधुमेह के रोगियों को स्थिरता बनाए रखने में कठिनाई हो सकती है—उन्हें मीठा खाने से मिलने वाली स्थिरता को छोड़ना पड़ता है। ऐसे संघर्ष वाली और भी स्थितियाँ हो सकती हैं। एक बेहद गरीब व्यक्ति की इच्छा हो सकती है, वह किसी महंगे रैस्टोरेंट में जाकर खाना खाए, या अच्छे कपड़े पहने।

भविष्य की स्थिरता

हम भविष्य की स्थिरता के बारे में सोचते हैं, और बहुत सारे काम भविष्य की स्थिरता के लिए करते हैं। हम पढ़-लिख कर अच्छी डिग्री हासिल करना चाहते हैं। अपना स्वास्थ्य ठीक रखने के लिए सावधानी बरतते हैं। मुसीबत के समय के लिए पैसे बचाकर रखते हैं। दूसरों की मदद करते हैं, जिससे वे भी समय आने पर हमारी मदद करें।
हमें भविष्य की सुरक्षा और स्थिरता एवं आज की स्थिरता के बीच सामंजस्य रखना पड़ता है, जिसमें हम चूक सकते हैं। पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थी भी अपना समय पढ़ाई में न लगाकर टीवी या कंप्यूटर पर लगा सकता है। बीमार होते हुए भी एक व्यक्ति सिगरेट या शराब छोड़ने में असमर्थ हो सकता है।

भूतकाल से संबंधित स्थिरता

हम बीते हुए कल के बारे में सोचते हैं। बीते हुए कल से हम प्रेरणा या सबक ले सकते हैं। बीते हुए कल के बारे में सोचकर हमें आज खुशी भी मिल सकती है। परंतु बीते हुए कल के बारे में सोचकर हमें आज दुख भी मिल सकता है। इसलिए बीते हुए कल के बारे में सोचना हमारी स्थिरता को प्रभावित करता है, और इसे बदलना जरूरी हो सकता है। अगला अध्याय देखें।

अपने नजदीकी लोगों की स्थिरता

हम अपने निकट के लोगों की स्थिरता बढ़ाने की हरसंभव कोशिश करते हैं। निकट के लोगों में हमारे परिवारजन, मित्र, संबंधी, और सहकर्मी शामिल हैं। अनेक बार हम अपनी स्थिरता की परवाह न करते हुए, अपने निकट के लोगों का ध्यान रखते हैं। माता-पिता अपने बच्चों का पालन-पोषण करने में अनेक तकलीफें सहन करते हैं।

संपूर्ण सृष्टी की स्थिरता

हम अपने शहर, प्रांत, देश, और समस्त विश्व की स्थिरता को बढ़ाने के बारे में भी सोचते हैं—और जहां तक बन सके, इस काम में अपना योगदान करते हैं। स्कूल के बच्चे भी पर्यावरण के महत्व को समझते हैं, और पेड़ लगाने में गौरव का अनुभव करते हैं। कुछ लोग बड़ी कार में जाने में अपनी शान समझते हैं, तो हममें से कुछ स्कूटर पर जाकर ईंधन की बचत करना उचित मानते हैं।

 

अपनी स्थिरता को हम किस रास्ते से आगे बढ़ाएंगे?

❐ स्पष्टीकरण—स्थिरता को आगे ले जाने का मतलब हम सब के लिए एक ही है, लेकिन आगे ले जाने का रास्ता सबके लिए बिल्कुल अलग हो सकता है। मोबाइल, इन्टरनेट, सोशल मीडिया, सैर-सपाटा, खाना-पीना — वैज्ञानिक प्रगति के साथ-साथ स्थिरता बनाए रखने के नए-नए रास्ते हमारे सामने खुलते जा रहे हैं। और हम कौन सा रास्ता चुनें यह निर्णय लेना मुश्किल होता जा रहा है। आज की स्थिरता और भविष्य की स्थिरता के बीच किसे चुनें? यह निर्णय पहले से अधिक कठिन होता जा रहा हैं। लैपटॉप का प्रयोग विद्यार्थी पढ़ाई के लिए करते हैं — लेकिन उसी लैपटॉप पर ध्यान बांटने के कई साधन मौजूद हैं| इसलिए विद्यार्थियों को पढ़ाई पर फोकस करना मुश्किल होता जा रहा है| सरकारी दफ्तरों में कर्मचारी कम्प्युटर का प्रयोग ईमेल देखने और बहुत से निजी कामों के लिए करते हैं|एक सिगरेट पीने वाले को आज की स्थिरता के लिए सिगरेट पीना है, पर भविष्य की स्थिरता के लिए सिगरेट का प्रयोग बंद करना है। अब वह किसे चुने? इसी प्रकार से हमारी खुद की स्थिरता और हमारे निकट के लोगों की स्थिरता के बीच भी संघर्ष हो सकता है। उदाहरण के लिए एक शराब पीने वाले व्यक्ति की पत्नी उसके ऊपर शराब बंद करने के लिए दबाव डाल सकती है।

एक व्यक्ति घर लौटने के बाद टीवी के सामने बैठकर चाय पीता है, और हंसी मजाक करता है। दूसरा व्यक्ति घर लौटकर, पत्नी की मदद करता है, और बच्चों की होमवर्क करने में मदद करता है। हम किसकी स्थिरता को बेहतर कहेंगे? एक व्यक्ति महीने की पूरी कमाई खर्च कर देता है। एक और व्यक्ति कम खर्च में काम चलाता है, और कुछ हिस्सा बचा कर रखता है। हम किसकी स्थिरता को बेहतर कहेंगे? एक व्यक्ति हवाई जहाज के बदले रेलगाड़ी से यात्रा करता है, केवल इसलिए कि प्रदूषण कम हो। क्या हम उस व्यक्ति की स्थिरता को बेहतर कहेंगे?

स्थिरता को बढ़ाना इतना आसान भी नहीं है

मौलिक स्थिरता है, खाना-पीना, आराम करना, टीवी देखना, अखबार पढ़ना, और सोना। परंतु हमें ऑफिस भी जाना है, घर के काम करने हैं। बच्चों को पढ़ाना है। पड़ोसी की मदद करनी है। विद्यार्थियों को होमवर्क करना है। मतलब हजार काम हैं। सांस लेने की भी फुरसत नहीं है। हम अपने से अधिक दूसरों की स्थिरता की चिंता करते हैं। पर कई बार खराब लगता है। हम बीमार हैं, फिर भी ऑफिस जाना है। नींद आ रही है, पर घर में मेहमान आने वाले हैं। भूख लग रही है, पर बाकी लोगों के आने के बाद सब साथ मिलकर खाना खाएंगे। घर में टीवी चल रहा है, और हमें शांति चाहिए।

हमको अपनी नींद, भूख और प्यास की चिंता नहीं है, फिर भी समस्या खड़ी हो सकती है। सोचिए हमारा बच्चा बीमार है। हम बच्चे की देखभाल करें या ऑफिस जाएं? दोनों ही काम जरूरी हैं, और एक समय पर दोनों काम कर पाना मुश्किल या असंभव हो सकता है। पर कुछ लोग ऐसी स्थितियों को बेहतर ढंग से संभाल पाते हैं। ऐसी स्थिति आने पर हम क्या करेंगे? जाहिर है केवल मौलिक स्थिरता को प्राप्त करने से कुछ अधिक नहीं होगा। सांस का व्यायाम और तनाव-मुक्ति का आसन केवल शुरुआत है। और स्थिरता प्राप्त करने के लिए हमें इससे कहीं अधिक करने की जरूरत हो सकती है। स्थिरता पाने के लिए हम कैसे आगे बढ़ें, वह इस मार्गदर्शिका के बाद के चरणों में बताया गया है।

बहुआयामी परिवर्तन इस काम को आसान करता है

क्या हम अपनी स्थिरता संपूर्ण सृष्टी के साथ साझा करना चाहते हैं?

पहले चरण के दौरान हमने अनुभव किया है कि बहुआयामी परिवर्तन हमारी नींद और आराम की जरूरत को कम करता है। थकान को काबू में रखने का रास्ता बताता है। भूख-प्यास पर नियंत्रण लाता है। हम चिंता कम करने लगते हैं। इस प्रकार से पहले चरण के दौरान, बहुआयामी परिवर्तन हमारी ताकत बढ़ाता है। हम कुछ नया कर सकते हैं। दूसरों के बारे में बेहतर सोच सकते हैं। भविष्य के बारे में सोच सकते हैं। और अपनी स्थिरता को आगे ले जा सकते हैं।

दूसरे और तीसरे चरण में भी स्थिरता को आगे ले जाने और अपनी स्थिरता को संपूर्ण सृष्टी के साथ साझा करने के उपायों की चर्चा जारी रहेगी|





मार्गदर्शिका