बहुआयामी परिवर्तन के पहले चरण में पैरासिटामौल का उपयोग

पिछले अध्याय में हम साँस के व्यायाम के बारे में पढ़ चुके हैं| और हमने पढ़ा होगा कि सांस का व्यायाम करते समय पैरासिटामौल लेने की जरूरत होगी| अगले अध्याय में हम तनाव-मुक्ति के आसन के बारे में पढ़ेंगे| तनाव-मुक्ति का आसन करते समय भी, हमें पैरासिटामौल लेना पड़ेगा| इसलिए पैरासिटामौल संबंधी कुछ जरूरी जानकारी यहाँ दी जा रही है|

Paracetamol (N-acetyl-para-aminophenol)

दर्द को हराने के लिए जरूरी

दर्द और बुखार के लिए प्रयोग की जाने वाली पैरासिटामौल सबसे अधिक उपयोग होने वाली दवाओं में आएगी। यह दुनिया के लगभग सभी देशों में डॉक्टर के पर्चे के बिना खरीदी जा सकती है। बहुआयामी परिवर्तन के दौरान पैरासिटामौल का प्रयोग एक आवश्यक बुराई जैसा समझा जा सकता है—क्योंकि बहुआयामी परिवर्तन का उद्देश्य दवाइयों के प्रयोग को कम करना है।

पैरासिटामौल के उपयोग को लेकर शंकाएं

पैरासिटामौल के बारे में शंकाएं हैं. जानलेवा तो कोई भी दवाई हो सकती है. लेकिन पैरासिटामौल सुरक्षित दवाइयों की श्रेणी में आती है. इसीलिए यह बिना पर्चा दिखाए खरीदी जा सकती है. फिर भी बहुत से लोग पैरासिटामौल का प्रयोग करने से कतराते हैं. सबसे बड़ी शंका इसकी डोज को लेकर है. लगभग सभी लोग पैरासिटामौल की आधी या एक गोली ही खाना चाहते हैं. डॉक्टर भी पर्चे पर आम तौर पर एक ही गोली लिखते हैं. लेकिन वयस्कों को ५०० मिलीग्राम पैरासिटामौल की दो गोली हर छह घंटे पर लेने की सलाह दी जा सकती है. इसका मतलब चौबीस घंटे में आठ गोली. इस कथन की सच्चाई इन्टरनेट पर आसानी से जांची जा सकती है.

एक सच्ची घटना

मैं एक घनिष्ठ मित्र के घर में था, जब मैंने उन्हें दो गोली पैरासिटामौल देकर सांस का व्यायाम बताया। दो गोली लेने में वे बहुत हिचक रहे थे—पर अंत में लीं और सांस का व्यायाम शुरू कर दिया। मित्र सांस का व्यायाम ठीक से कर रहे थे—और मैंने उन्हें बता दिया था कि पहले सिर भारी लग सकता है, लेकिन बिना चिंता किए, सांस का व्यायाम जारी रखना होगा। फिर उन्हें छोड़कर मैं दूसरे काम में लग गया। कुछ देर के बाद पता चला कि मित्र को चक्कर आ रहा था। वे आँखें बंद करके सोफा पर बैठे हुए थे। मैंने उन्हें तनाव-मुक्ति का आसन करवाना शुरू किया। घर के बाकी लोग भी वहां आ गए। सभी मुझे शिकायत भरी नजरों से देख रहे थे—आरोप था कि मैंने दो गोली पैरासिटामौल की जिद करके खिलाई थीं, और उसी से तबीयत बिगड़ गई थी। इतने में मित्र उठ गए, और उन्होंने ही स्थिति को संभाला। उन्हें ठीक लग रहा था, और उन्हें मेरी बात याद थी—“पहले सिर भारी लग सकता है, लेकिन बिना चिंता किए, सांस का व्यायाम जारी रखना होगा।”

पैरासिटामौल के बारे में हमें अपनी धारणाओं को बदलने की जरूरत है

पैरासिटामौल की दो गोली एक साथ लेने की सलाह जब भी देता हूं, ऊपर के उदाहरण से मिलती-जुलती बहुत सारी घटनाएं मेरे सामने आती हैं। हममें से बहुत से लोग पैरासिटामौल के प्रयोग को लेकर चिंतित हो जाते हैं। इन चिताओ को दूर करने के उद्देश्य से ही यह जानकारी दी जा रही है। यहाँ यह स्पष्ट हो जाएगा कि बहुआयामी परिवर्तन में बताया गया पैरासिटामौल का प्रयोग सुरक्षा की सीमाओं के बहुत अंदर है।

पैरासिटामौल का उपयोग क्यों?

बहुआयामी परिवर्तन में पैरासिटामौल का प्रयोग क्यों किया जाता है? यह प्रश्न हमारे मन में जरूर उठेगा. बहुआयामी परिवर्तन एक बहुत बड़ा परिवर्तन है. और इस बड़े पर के रास्ते में दर्द एक बहुत बड़ी बाधा है. इस बाधा को दूर करना जरूरी है. यह हम सब मानेंगे कि दर्द एक आम अहसास है, और बहुआयामी परिवर्तन के दौरान यह पाया गया है कि दर्द के इस अहसास को केवल सांस के व्यायाम और तनाव-मुक्ति के आसन के द्वारा मिटाना संभव नहीं है।

दर्द और तनाव से जुड़ी समस्याएं

माईग्रेन तथा पीठ-दर्द आदि जहां दर्द प्रमुख लक्षण है, पैरासिटामौल का प्रयोग जरूरी हो जाता है|

तनाव के दौरान दर्द, भूख, प्यास इत्यादि का अहसास नहीं होता है। सांस का व्यायाम और तनाव-मुक्ति का आसन करने से तनाव कम होता है, और दर्द का अहसास शुरू हो जाता है। इसलिए पैरासिटामौल का उपयोग जरूरी हो जाता है। ऊपर बताए गए उदाहरण में, मेरे मित्र के साथ भी ऐसा ही हुआ।

कुछ लोगों को सांस का व्यायाम करने में कठिनाई होती है, और उनका सांस फूलने लगता है। तब पैरासिटामौल की गोली लेने के बाद ही सांस का व्यायाम करना पड़ता है।

दर्द का चक्रव्यूह भेदने के लिए पैरासिटामौल

ऊपर के चित्र में हम दर्द का चक्रव्यूह देख सकते हैं| कोई भी दर्द शारीरिक कामों के बचने की प्रवृत्ति को जन्म देता है| इससे हमारी मांसपेशियों की ताकत कम होती है, और दर्द बढ़ता है| दूसरी ओर दर्द के कारण मानसिक तनाव के कई लक्षण उत्पन्न हो सकते हैं, जैसे कि गुस्सा, चिंता, डर इत्यादि| ये लक्षण हमारी नींद, भूख, पारिवारिक और सामाजिक संबंध, हमारे काम-काज, और हमारी दूसरी रुचियों को प्रभावित करते हैं| एक सीमा के बाद हम अवसाद यानी डिप्रैशन का शिकार हो सकते हैं| इससे भी दर्द बढ़ता है| यही दर्द का चक्रव्यूह है, जिसे भेदना जरूरी होता है| इस चक्रव्यूह को भेदने के लिए पैरासिटामौल जरूरी पाया गया है|

पैरासिटामौल का उपयोग कब, कितनी मात्रा में, और कितने दिनों तक?

यहाँ हम बहुआयामी परिवर्तन के पहले चरण की ही बात कर रहे हैं. पहले चरण में जरूरी है कि सांस का व्यायाम करने से पहले पैरासिटामौल लें। और तनाव-मुक्ति का आसन करने से पहले भी पैरासिटामौल लें। पहले चरण के बाद यह जरूरत कम हो जाएगी. कुछ रोगों में (जैसे कि माईग्रेन और पीठ-दर्द) हम आसन के पहले गोली खा लेते हैं, लेकिन उसकी मात्रा जरूरत से कम हो सकती है—ऐसे में आसन के बीच में उठकर और गोली खाने की जरूरत पड़ सकती है। तनाव-मुक्ति के आसन के साथ इस बारे में अधिक जानकारी दी जाएगी.

पैरासिटामौल की कितनी मात्रा सुरक्षित है?

एक वयस्क के लिए, पैरासिटामौल की एक साथ दो गोली और चौबीस घंटे में छह से आठ गोली खाना सुरक्षित है। यह मात्रा लंबे समय तक, लगातार, पैरासिटामौल का उपयोग करने वालों के लिए सुरक्षित समझी गई है। एक-दो दिन के लिए इतनी मात्रा लेना तो बिलकुल हानि रहित समझा जा सकता है। एक वयस्क के लिए एक समय में पैरासिटामौल की सामान्य खुराक दो गोली है। यद्यपि आम तौर पर डॉक्टर एक समय पर एक गोली खाने की ही सलाह देते हैं—परंतु दो गोली की खुराक को गलत नहीं माना जा सकता है।

अब बहुआयामी परिवर्तन के दौरान सुझाई जाने वाली पैरासिटामौल की खुराक पर नजर डालें—और उसकी तुलना ऊपर लिखी सुरक्षित मात्रा से करें।

आम तौर पर पैरासिटामौल की एक गोली या आधी गोली सुझाई जाती है, जो चौबीस घंटे में दो से तीन बार लेने की जरूरत पड़ सकती है। गणना करें तो चौबीस घंटे में अधिकतम तीन गोली हो गईं। अधिकतर लोगों को दिन में एक या दो गोली ही लेना पड़ता है।

माईग्रेन, कमर-दर्द, और गर्दन-दर्द के रोगियों को शुरू में दो गोली लेने की सलाह दी जाती है, और एक घंटे बाद आराम न होने पर एक और गोली लेने की सलाह दी जाती है। इसके छह घंटे बाद सोते समय एक या दो गोली और लेने की सलाह दी जाती है। इस प्रकार से दिन भर में केवल चार-पांच गोलियां हो गईं।

पैरासिटामौल कितने दिन लेना पड़ेगा?

हममें से अधिकतर लोग, पैरासिटामौल का नियमित प्रयोग, कुछ हफ्तों में बंद कर सकते हैं। कुछ लोगों को लंबे समय तक (लगातार या रुक-रुक कर) पैरासिटामौल लेने की जरूरत पड़ सकती है। बहुआयामी परिवर्तन को अपने जीवन में लागू करें। विशेष रूप से शारीरिक व्यायाम करें। यही पैरासिटामौल का प्रयोग कम करने का सबसे अच्छा उपाय है।

किसी भी दवाई की दुकान लें, परन्तु शुद्ध पैरासिटामौल की ५०० मिलीग्राम की गोली ही खरीदें.

पैरासिटामौल खरीदने के बारे में जानकारी

यहाँ कुछ पैरासिटामौल की गोलियों का चित्र देखें। ध्यान देने योग्य है कि पैरासिटामौल की गोलियां कई आकृतियों में मिल सकती है। आम तौर पर एक गोली में पांच सौ मिलीग्राम पैरासिटामौल होता है। परंतु यह मात्रा पांच सौ मिलीग्राम से कम या इससे अधिक भी हो सकती है, और गोली में कुछ और दवाइयां भी मिली हुई हो सकती हैं। ध्यान रखें: हम केवल पांच सौ मिलीग्राम की शुद्ध पैरासिटामौल की गोली का ही प्रयोग करें।

पैरासिटामौल का उपयोग में सावधानी

दो स्थितियों में पैरासिटामौल का उपयोग सावधानी से करने की जरूरत हो सकती है. पहली स्थिति है पैरासिटामौल से अलर्जी, और दूसरी स्थिति है जिगर यानी लीवर की कोई गंभीर बीमारी. इन दोनों ही स्थितियों में पैरासिटामौल का प्रयोग न करें, या किसी डॉक्टर की सलाह के बाद करें. पैरासिटामौल का थोड़े समय का प्रयोग सुरक्षित समझा जाता है, और कोई गंभीर परिणाम होने की संभावना नहीं के बराबर मानी जाती है. फिर भी अगर कोई परेशानी पैरासिटामौल लें के बाद होती है, तो डॉक्टर की सलाह अवश्य लें.

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